Rajnath Singh: स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम को रक्षा मंत्री ने बताया गेम-चेंजर, रूस के S-400 को टक्कर देगा भारत का प्रोजेक्ट कुशा
Rajnath Singh: नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘प्रोजेक्ट कुशा’ को देश की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक और गेम-चेंजर पहल बताया है। हैदराबाद में डीआरडीओ के एडवांस्ड वेपन सिस्टम कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भविष्य में भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगी।
S-400 को टक्कर देने की क्षमता
डीआरडीओ द्वारा विकसित किया जा रहा प्रोजेक्ट कुशा लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। इसमें 150, 250 और 400 किलोमीटर रेंज की तीन इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होंगी। यह सिस्टम स्टील्थ विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और हाइपरसोनिक हथियारों जैसे खतरों को रोकने में सक्षम होगा। इसे 2028 से 2030 के बीच सेना में शामिल किए जाने की योजना है।
गोवर्धन पर्वत से की तुलना
राजनाथ सिंह ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण द्वारा उठाए गए गोवर्धन पर्वत से करते हुए कहा कि जैसे गोवर्धन पर्वत ने लोगों की रक्षा की थी, उसी तरह यह एयर डिफेंस सिस्टम देश को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसकी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला।
आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र को मिलेगा बल
रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनना होगा। डीआरडीओ, निजी उद्योग, स्टार्टअप और रक्षा क्षेत्र की अन्य संस्थाएं मिलकर अत्याधुनिक तकनीक विकसित कर रही हैं। प्रोजेक्ट कुशा इसी दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

