Paper leak law implemented: नकल कराते या पेपर लीक में पकड़े गए तो होगी 10 साल की जेल, विधानसभा में पेपर लीक कानून पास, पढ़ें पूरी खबर
Paper leak law implemented: नई दिल्ली: बिहार सरकार नकल और पेपर लीक रोकने के लिए एक्शन में आ गई है। नीतीश सरकार ने पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। 24 जुलाई को बिहार विधानसभा में पेपर लीक कानून पास हो गया है। यह कानून राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद राज्य में लागू हो जाएगा।
Paper leak law implemented: इस कानून के तहत पेपर लीक करने वालों को 10 साल की जेल और एक करोड़ रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान है। अब पेपर लीक को गंभीर अपराध माना जाएगा और आरोपियों पर गैर-जमानती धाराएं लगाई जाएंगी।
नए कानून में कितनी कड़ी सजा
Paper leak law implemented: नए कानून के तहत किसी भी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने वालों को 3 से 10 साल की सजा और 10 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यह नियम राज्य सरकार द्वारा आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं में लागू होंगे। जो भी संस्था पेपर लीक में शामिल होगी, साथ ही उसे चार साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
नए कानून में अन्य प्रावधान
Paper leak law implemented: पेपर लीक मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी से कराई जाएगी और सरकार किसी भी जांच एजेंसी से मामले की जांच करवा सकती है। मानसून सत्र के दूसरे दिन विधेयक पेश होना था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण यह पेश नहीं हो सका। बावजूद इसके, सरकार ने बहुमत के आधार पर "बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक 2024" पास कर दिया।

