बलौदाबाजार हिंसा मामला: निलंबित तत्कालीन कलेक्टर और एसएसपी बहाल, विभागीय जांच रिपोर्ट में मिली क्लीन चिट
- Pradeep Sharma
- 21 Jan, 2025
Balodabazar violence case: बलौदाबाजार हिंसा मामले में निलंबित तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को बहाल कर दिया गया है। दरअसल, बलौदाबाजार हिंसा मामले पर सरकार ने एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था, व
बलौदाबाजार। Balodabazar violence case: बलौदाबाजार हिंसा मामले में निलंबित तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को बहाल कर दिया गया है। दरअसल, बलौदाबाजार हिंसा मामले पर सरकार ने एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था, वहीं जांच कमेटी का भी गठन किया गया था। अब जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों को क्लीन चिट मिल गई है। सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है।
Balodabazar violence case: तल्कालीन कलेक्टर केएल चौहान को अब बिलासपुर में अपर संभागीय आयुक्त के साथ सचिव राजस्व मंडल के अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, साथ ही पुलिस अधीक्षक सदानंद सिंह को पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है।
Balodabazar violence case: क्या है मामला
बता दें कि पिछले साल 15 से 16 मई की रात कुछ अज्ञात लोगों ने बलौदाबाजार के गिरौदपुरी धाम स्थित जैतखंभ में तोडफ़ोड़ की थी। सतनामी समुदाय मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा था। इसी सिलसिले में सतनामी समाज ने दशहरा मैदान में विरोध-प्रदर्शन और जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव का आह्वान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। विरोध हिंसक होने के बाद लोगों ने एसपी और जिलाधिकारी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।

