SC: आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली बेल, राजस्थान सरकार से मांगा जवाब, कोर्ट ने कहा- 'गंभीर स्थिति होने पर जमानत पर करेंगे विचार'
SC: जयपुर: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और शील नागू की पीठ ने कहा कि, "यदि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती है या जान को खतरा होता है, तभी जमानत पर विचार किया जाएगा।" अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सजा पर रोक नहीं लगाई जा रही है। साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया कि आसाराम को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

हाईकोर्ट का फैसला बरकरार
राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हालांकि, उन्हें सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो कानून की कुछ धाराओं से राहत मिली थी, लेकिन नाबालिग से दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोपों में सजा कायम रही।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2013 का है। आरोप है कि आसाराम ने अपने आश्रम में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद 25 अप्रैल 2018 को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन फिलहाल वहां से भी जमानत नहीं मिली है।

