Raipur City News : शराब दुकान में नौकरी दिलाने का झांसा, 4.5 लाख की ठगी: फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
- Rohit banchhor
- 29 Jun, 2026
मोबाइल पर भर्ती का मैसेज भेजकर युवाओं को बनाया शिकार, कोरबा की सरकारी शराब दुकान के नाम से तैयार किए थे फर्जी जॉइनिंग लेटर
Raipur City News : रायपुर। शासकीय मदिरा दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को खम्हारडीह पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगार युवाओं से कुल 4.50 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के लखुर्री निवासी शिवधन सागर को सितंबर 2025 में मोबाइल पर सरकारी शराब दुकानों में भर्ती का संदेश मिला था। दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी योगेश साहू ने खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए रायपुर बुलाया और सरकारी शराब दुकान में नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया।
आरोपी ने प्रार्थी और उसके परिचितों से प्रति व्यक्ति 1.50 लाख रुपये की मांग की। झांसे में आकर पीड़ितों ने फोन-पे और नकद के माध्यम से कुल 3 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने कोरबा की शासकीय विदेशी मदिरा दुकान के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए। जांच में ये नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी निकले।
जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो योगेश साहू ने अपने साथी दिलीप यादव से मिलवाया, जिसने खुद को एक निजी कंपनी का ऑपरेशन हेड बताकर दूसरी जगह नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इस बहाने उसने भी 1.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद दोनों आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे और न तो नौकरी दिलाई और न ही रकम लौटाई।
मामले की शिकायत मिलने पर थाना खम्हारडीह में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ) के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार दबिश के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने सरकारी शराब दुकानों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे लेकर धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश साहू (27) और दिलीप यादव (32) के रूप में हुई है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

