BMHRC और एम्स के मर्जर के विरोध में उतरे गैस पीड़ित
भोपाल। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल का एम्स भोपाल में मर्जर किया जा रहा है। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह गैस पीड़ितों के इलाज के अधिकारों का हनन है। इस मामले का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
यह बात पांच गैस पीड़ित संगठन के प्रतिनिधियों ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान कही। करीब एक हजार लोग बीएमएचआरसी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। भोपाल गैस हादसे से हजारों लोग प्रभावित हुए। इनके आश्रितों पर भी हादसे का असर हुआ है। गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने बताया कि 1991 में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में बीएचएचआरसी को शुरू किया।
गैस पीड़ितों को इलाज की यहां विशेष व्यवस्था है। मर्जर होने पर गैस पीड़ितों से सुविधा छिन जाएगी। गैस पीड़ित संगठन की नौशीन खान ने बताया कि मर्जर को लेकर पहले भी 2018 में एक प्रस्ताव तैयार किया था। विरोध के बाद सरकार ने एक साल बाद वापस ले लिया। अब इस पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

