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Flight ticket cancellation charges: फ्लाइट टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो मिलेगा पूरा रिफंड, लेकिन होगी ये शर्त, यहां देखें DGCA के नए नियम

Flight ticket cancellation charges

हालांकि अगर नई फ्लाइट का किराया ज्यादा होगा, तो किराए का अंतर देना होगा। नए नियम 26 मार्च 2026 से लागू होंगे।

Flight ticket cancellation charges: नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन टिकट रिफंड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत टिकट बुक करने के बाद यात्रियों को 48 घंटे का लुक-इन पीरियड मिलेगा। DGCA ने कहा कि इस 48 घंटे के भीतर यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज दिए अपना टिकट कैंसिल या उसमें बदलाव कर सकेंगे। हालांकि अगर नई फ्लाइट का किराया ज्यादा होगा, तो किराए का अंतर देना होगा। नए नियम 26 मार्च 2026 से लागू होंगे।


यह सुविधा कुछ शर्तों के साथ मिलेगी-

1.जब घरेलू यात्रा की फ्लाइट कम से कम 7 दिन बाद हो।
2.जब अंतरराष्ट्रीय यात्रा की फ्लाइट कम से कम 15 दिन बाद हो और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो।


नाम में गलती सुधारने पर नहीं लगेगा चार्ज-

नए नियमों के मुताबिक, अगर यात्री ने टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा है और 24 घंटे के भीतर नाम की गलती की सूचना दे देता है, तो एयरलाइन उसी यात्री के नाम में सुधार के लिए कोई चार्ज नहीं लेगी। अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या पोर्टल के जरिए खरीदा गया है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी, क्योंकि एजेंट उसके प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइन को 14 कार्यदिवस के भीतर रिफंड प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


रिफंड की समय-सीमा तय-

क्रेडिट कार्ड से भुगतान होने पर 7 दिनों के भीतर रिफंड करना होगा। एयरलाइन ऑफिस में नकद भुगतान होने पर तुरंत रिफंड देना होगा। DGCA ने कहा कि कैंसिलेशन या नो-शो की स्थिति में एयरलाइन को सभी सरकारी टैक्स और यात्री से जुड़े शुल्क वापस करने होंगे, भले ही बेस फेयर नॉन-रिफंडेबल क्यों न हो।


कैंसिलेशन चार्ज और जानकारी देना जरूरी-

एयरलाइन को टिकट कैंसिल करने पर मिलने वाली रिफंड राशि की साफ जानकारी देनी होगी। टिकट या अलग दस्तावेज में रिफंड पॉलिसी और उसका पूरा विवरण दिखाना जरूरी होगा। बुकिंग के समय कैंसिलेशन चार्ज साफ और प्रमुख रूप से दिखाना होगा। नियमों के अनुसार, कैंसिलेशन चार्ज बेस फेयर और फ्यूल सरचार्ज से ज्यादा नहीं हो सकता। ट्रैवल एजेंट की फीस इसमें शामिल नहीं होगी, अगर वह पहले से बताई गई हो। एयरलाइन रिफंड प्रोसेसिंग के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकती। रिफंड राशि को क्रेडिट शेल के रूप में रखने का विकल्प यात्री की मर्जी पर होगा, यह डिफॉल्ट विकल्प नहीं बनाया जा सकता।


मेडिकल इमरजेंसी में विशेष सुविधा-

अगर यात्री या उसी बुकिंग में शामिल परिवार के सदस्य की मेडिकल इमरजेंसी के कारण टिकट कैंसिल होता है, तो एयरलाइन रिफंड या क्रेडिट शेल में से कोई एक विकल्प दे सकती है। अन्य मामलों में रिफंड तब दिया जाएगा, जब एयरलाइन के एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ या DGCA से मान्यता प्राप्त डॉक्टर यात्रा के लिए फिटनेस पर राय देंगे।

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