दलित युवक ने मरने से पहले ही जता दी थी हत्या की आशंका, वीडियो वायरल हुआ तो बीजेपी कांग्रेस आई आमने-सामने
भोपाल। एमपी के राजगढ़ जिला अंतर्गत आने वाले तलेन थाना क्षेत्र के एक आदिवासी युवक राहुल वर्मा का मौत से पहले का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। राहुल ने अपनी मौत के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया हैं। राहुल के मरने से पहले का वीडियो जारी होने के बाद अब सियासत भी शुरू हो गई हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राहुल वर्मा की मौत को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दलित युवक की हत्या को लेकर पटवारी ने कहा कि यह दलित और संविधान विरोधी सरकार है।
एक दलित युवक ने पहले अपना वीडियो जारी किया कि उसकी हत्या हो सकती है इसके बाद उसकी हत्या हुई भी और फिर भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इसके बाद उसके परिवार के लोग चक्का जाम करने को मजबूर हुए इसके बाद भी पुलिस ने सुध नहीं ली। इसी दौरान पटवारी ने बड़ा बयान दे दिया उन्होंने कहा की.प्रशासन नाम की चिड़िया समाप्त हो गई है प्रदेश में कानून व्यवस्था लेप्स हो गई हैं। पूरे प्रदेश में दलितों पर अलग अलग तरीके से अत्याचार हो रहा हैं। वही पटवारी के बयान को बीजेपी ने संविधान से जोड़ते हुए कहा की कांग्रेस सविधान का मज़ाक उड़ा रही हैं। जीतू द्वारा दिए गए सविधान की चिड़िया समाप्त हो गई वाले बयान पर उनको देश और प्रदेश से माफ़ी मांगनी चाहिए।
बीजेपी विधायक सबनानी ने कहा की मे उनके बयान की निंदा करता हूं। गौरतलब है कि राहुल ने वीडियो बनाकर पहले ही मरने का अंदेशा जताया था। उसने सतीश पाटीदार नाम के शख्स पर मारपीट के आरोप लगाए थे।राहुल ने फरसे से जानलेवा हमला करने की भी कही थी बात राहुल वर्मा ने पुलिस पर भी मारपीट के आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट दर्ज न करने की वीडियो में बात कही हैं। वही फरियादी के परिजनों में आक्रोश हैं। परिजनों ने कहा राहुल वर्मा को अंदरूनी चोटें आई थी इलाज के दौरान उसकी मौत हुई हैं। राहुल के परिजनों ने उसकी मृत्यु के बाद प्लेन थाने के सामने सब रखकर जमकर हंगामा किया।

