MP News : CM डॉ. मोहन ने की लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक, आयुष्मान में अधिक अस्पताल जोड़ने के निर्देश, बॉन्डेड डॉक्टर्स की भर्ती नीति में बड़ा बदलाव जल्द
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा में साफ कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आमूलचूल बदलना ही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों और डॉक्टरों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। प्राइवेट अस्पतालों में बेवजह सीजेरियन और 108 एम्बुलेंस द्वारा मरीजों को जबरन प्राइवेट अस्पताल ले जाने की शिकायतों पर सख्ती बरतने को कहा। बॉन्ड वाले डॉक्टर्स की भर्ती नियम जल्द बदले जाएंगे ताकि वे प्रदेश में ही सेवा दें और जनजातीय-दूरस्थ क्षेत्रों में आकर्षक मानदेय देकर उनकी सेवाएं ली जाएं।
सीएम ने नए मेडिकल कॉलेजों की तेज स्थापना के लिए विभाग को बधाई देते हुए कहा कि 2003-04 में जहां सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या 52 हो जाएगी। पीपीपी मोड पर पन्ना, बैतूल, कटनी, धार सहित 9 और जिलों में मेडिकल कॉलेज बनेंगे। निजी निवेशकों को अस्पताल बनाने के लिए 1 रुपये में जमीन देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। 2028 तक राजगढ़, मंडला, छतरपुर, उज्जैन, दमोह और बुधनी में नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे, सभी संभागों में कैथलैब और एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब बनाया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि पिछले दो साल में 84 हजार से ज्यादा कार्डियक सर्जरी शासकीय अस्पतालों में कम खर्च में हुईं। देहदान करने वाले 38 मृतकों को “गॉड ऑफ ऑनर” दिया गया। मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से 37 हुई। सिकल सेल स्क्रीनिंग में 1.25 करोड़ से अधिक जांच कर देश में अव्वल रहे। 12,655 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 448 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक और पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से 109 लोगों को बचाया गया।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि 2028 तक मातृ मृत्यु दर 100 प्रति लाख करने का लक्ष्य है। सीएम ने फील्ड अमले से संवेदनशीलता और जवाबदेही की अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर पात्र तक समय पर पहुंचे, यही सरकार का संकल्प है। मध्यप्रदेश अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का मॉडल स्टेट बनने की राह पर है।

