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What is Code of Conduct: क्या होती है आदर्श आचार संहिता? जो 2026 विधानसभा चुनावों के एलान के साथ हुई लागू? सरकार और मंत्रियों पर भी अप्लाई होते हैं नियम

What is Code of Conduct

What is Code of Conduct

What is Code of Conduct: नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने घोषणा से पहले राजनीतिक दलों और संबंधित एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश भी दिए।


What is Code of Conduct: क्या होती है आदर्श आचार संहिता?

आदर्श आचार संहिता यानी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बनाए गए नियमों का एक समूह है। इन नियमों का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना होता है। यह संहिता संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों से जुड़ी है, जिसके अनुसार आयोग संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए जिम्मेदार होता है।


What is Code of Conduct: कब से कब तक लागू रहती है संहिता?

आदर्श आचार संहिता चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही लागू हो जाती है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहती है। लोकसभा चुनाव के दौरान यह पूरे देश में लागू होती है, जबकि विधानसभा चुनाव के समय संबंधित राज्य में प्रभावी रहती है।


What is Code of Conduct: राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए नियम

आचार संहिता के तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादा में रहकर काम करना होता है। धर्म, जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर वोट मांगना प्रतिबंधित है। मतदान केंद्रों के आसपास रिश्वत देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना या किसी और के नाम पर वोट डालना भी गैरकानूनी है। राजनीतिक दलों को एक-दूसरे की नीतियों और कामकाज की आलोचना करने की अनुमति है, लेकिन किसी के निजी जीवन पर टिप्पणी करना गलत माना जाता है।


What is Code of Conduct: सरकार और मंत्रियों पर भी लागू होते हैं नियम

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार कोई नई योजना, परियोजना, आर्थिक सहायता या भर्ती की घोषणा नहीं कर सकती। मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार से नहीं जोड़ सकते और प्रचार के दौरान सरकारी मशीनरी या कर्मचारियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। हालांकि प्रधानमंत्री को आधिकारिक और प्रचार दौरे को साथ रखने में कुछ छूट दी गई है। सरकारी वाहन, विमान या अन्य संसाधनों का उपयोग किसी दल या उम्मीदवार के हित में नहीं किया जा सकता। इसके अलावा चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियों पर भी प्रतिबंध रहता है, जब तक कि चुनाव आयोग से अनुमति न ली जाए।


What is Code of Conduct: सरकारी योजनाओं और विज्ञापनों पर रोक

चुनाव के दौरान सरकार अपनी उपलब्धियों का प्रचार सरकारी खर्च पर नहीं कर सकती। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी विज्ञापन देना भी प्रतिबंधित रहता है। सरकार या सत्ताधारी दल की उपलब्धियों से जुड़े होर्डिंग और पोस्टर भी हटाने पड़ते हैं। यदि चुनाव घोषणा से पहले किसी निर्माण कार्य का आदेश दिया गया है लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है तो उसे चुनाव समाप्त होने तक शुरू नहीं किया जा सकता। वहीं जो काम पहले से शुरू हो चुके हैं, उन्हें जारी रखने की अनुमति होती है।


What is Code of Conduct: चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की कोशिश

आदर्श आचार संहिता का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सत्ता में मौजूद दल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करें और सभी दलों को समान अवसर मिले। चुनाव आयोग इन नियमों के पालन की लगातार निगरानी करता है और उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी करता है।

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