CBI अफसर बनकर इंजीनियर को दी थी धमकी, UP से आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार...
- Rohit banchhor
- 28 Nov, 2024
जालसाजी करते हुए कस्टमर को एक सिम देता और दूसरी सिम निकालकर खुद रख लेता था।
MP Crime : भोपाल। भोपाल के टेलीकॉम इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर फंसाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा को उत्तर प्रदेश के महोबा से गिरफ्तार किया है, वहीं कानपुर निवासी एक आरोपी दुर्गेश सिंह फरार है। आरोपी फ्री में सिम बांटकर ग्रामीणों के साथ ठगी करते थे। एयरटेल टेलिकॉम कंपनी का एजेंट बनकर आरोपी गांव पहुंचते थे।ग्रामीण को फ्री की सिम का लालच देकर ठगी करते थे। जालसाजी करते हुए कस्टमर को एक सिम देता और दूसरी सिम निकालकर खुद रख लेता था।
MP Crime : धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा सिम को ठगों को मोटी रकम में बेच देता था।क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने डिजिटल अरेस्ट मामले में हुई पहली गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बतया की इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट मामले में जिस नंबर से फोन आया था वो विकास साहू नाम के व्यक्ति को जारी हुई थी। विकास साहू से पूछताछ में बताया कि धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने फ्री की सिम दी थी। आरोपी धर्मेंद्र विश्वकर्मा को जब पुलिस ने पकड़ा तब उसने बताया कि वो एक सिम कस्टमर को देता और दूसरी खुद के पास रख लेता था।
MP Crime : सिम को धर्मेंद्र कुमार मोटी रकम में आरोपियों को बेच देता था। धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अबतक ठगों को 150 से अधिक सिम बेच चुका है। ठगों ने इंजीनियर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की फोन पर धमकी दी थी। ठगों ने खुद को सीबीआई का अफसर बताया था।

