गांवो को शहरों से कनेक्ट करने सरकार की नई कवायद, 19 साल बाद फिर शुरू होगा ग्रामीण परिवहन सेवा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार जल्द ग्रामीण परिवहन सेवा की शुरुआत करने जा रही है। इसे लेकर उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। अब परिवहन विभाग बसें किस तरह चलाई जाएं और इनसे नगरीय निकायों को कैसे जोड़ा जाए, इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यह प्रस्ताव जल्द मुख्य सचिव के पास आएगा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन सेवा की शुरूआत करने का ऐलान कर चुके हैं। सीएम की घोषणा के बाद मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है। सूत्रों की माने तो इसकी प्रारंभिक योजना भी तैयार हो चुकी है। शुरूआत में शहरों के आसपास के सौ किलोमीटर तक के गांवों तक परिवहन व्यवस्था शुरू की जाएगी। इस व्यवस्था का आंकलन कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन पिछले दिनों परिवहन विभाग के अफसरों की बैठक ले चुके हैं।
उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए कहा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम 2005 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद से ही प्रदेश की परिवहन व्यवस्था निजी बस आपरेटरों के हवाले है। इस व्यवस्था में निजी बस आपरेटरों की मनमानी को लेकर भी कई शिकायतें आती रहती हैं। यही वजह है कि सरकार अब ग्रामीण परिवहन सेवा को फिर से शुरू कर रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में भी ग्रामीण बस परिवहन सेवा शुरू करने पर भी विचार किया गया था, पर तब यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी थी।

