रविशंकर शुक्ला मार्केट री-डेवलपमेंट पर लगी याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, रास्ता साफ़
- Rohit banchhor
- 17 Jan, 2025
किसी को व्यक्तिगत असुविधा हो सकती है लेकिन इस आधार पर व्यापक सार्वजनिक हित के कार्यों को नहीं रोका जा सकता।
MP News : भोपाल। राजधानी में 5 नंबर बस स्टॉप के पास स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट के री-डेवलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई आधार नहीं बताया गया है जिस वजह से इस प्रोजेक्ट को रोका जाए। हाउसिंग बोर्ड इस प्रोजेक्ट को एमपी हाउसिंग री- डेवलपमेंट पॉलिसी. 22 के तहत कर रहा है और याचिका में इस पॉलिसी को कोई चुनौती नहीं दी गई है। किसी को व्यक्तिगत असुविधा हो सकती है लेकिन इस आधार पर व्यापक सार्वजनिक हित के कार्यों को नहीं रोका जा सकता।
MP News : इस आदेश के बाद 45 साल पुराने जर्जर हो चुके रवि शंकर शुक्ल (आरएसएस) मार्केट के री-डिवेलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। यह याचिका पांच नंबर बस स्टॉप के पास रहने वाले गौतम बनर्जी और 11 अन्य लोगों की तरफ से दायर की गई थी। इस याचिका में आरोप था कि एमपी हाउसिंग री-डेवलपमेंट पॉलिसी 22 के नियमों को ताक पर रख कर यह प्रोजेक्ट निर्माण किया जा रहा है।नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित कर दिए गए 45 साल पुराने आरएसएस मार्केट में कुल 165 मकान हैं। इसमें से 130 मकान आमजन के हैं जिसमें से 101 रहवासियों ने बोर्ड के साथ एग्रीमेंट कर मकान खाली कर दिए है।
MP News : बाकी 35 मकान हाउसिंग बोर्ड व अन्य शासकीय विभागों के हैं। जिन लोगों ने मकान खाली कर दिए हैं उन लोगों को हाउसिंग बोर्ड ने किराया देना भी शुरू कर दिया है।इस प्रोजेक्ट में 65 दुकानें भी हैं। इनको अस्थाई रूप से शिफ्ट करने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने पास में ही नई दुकानें भी बना ली हैं। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक दुकानों की शिफ्टिंग भी अगले एक हफ्ते के अंदर शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
MP News : राजीव गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने आरएसएस मार्केट के भवनों का स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट किया था। इस रिपोर्ट में 45-50 साल पुरानी इस इमारत को पूर्णतः जीर्ण-शीर्ण बताया था। नगर-निगम ने भी इस इमारत को जर्जर घोषित कर दिया। लिहाजा इसे री- डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नये सिरे से विकसित किया जा रहा है।

