MP News : लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
MP News : रतलाम: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला रतलाम जिले के सैलाना तहसील का है, जहां एक पटवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद कुमार यादव के नेतृत्व में की गई।
MP News : जमीन सीमांकन के नाम पर मांगी रिश्वत
रतलाम जिले के सैलाना तहसील अंतर्गत अडवानिया गांव के रहने वाले जीतेन्द्र पाटीदार ने लोकायुक्त उज्जैन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पिता ईश्वर लाल पाटीदार के नाम पर सैलाना और बागरियों क्षेत्र में लगभग 5 हेक्टेयर कृषि जमीन है। इस जमीन का सीमांकन कराने के लिए उन्होंने 22 जनवरी 2026 को लोक सेवा केंद्र से आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी सीमांकन का काम नहीं हुआ। 9 मार्च 2026 को जब जीतेन्द्र तहसील कार्यालय पहुंचे और पटवारी कैलाश वडखिया से बात की, तो पटवारी ने काम कराने के बदले पैसे मांगे। बाद में पटवारी के घर जाकर मिलने पर उसने 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इससे परेशान होकर जीतेन्द्र ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी।
MP News : ट्रैप लगाकर की गई गिरफ्तारी
लोकायुक्त ने शिकायत की गंभीरता से जांच की और रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर पटवारी के लिए ट्रैप बिछाया। जांच में पता चला कि पटवारी ने पहले ही 3 हजार रुपये घूस ले ली थी और शेष राशि में से 7 हजार रुपये कम कर दिए थे। गुरुवार को सैलाना तहसील के नायब नाजिर कक्ष में पटवारी कैलाश वडखिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
MP News : रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्ती
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब करीब दो हफ्ते पहले रतलाम में सीबीआई ने जीएसटी दफ्तर पर दबिश देकर सहायक आयुक्त शंकर परमार और उनके सहयोगी सुरेश मनसुखानी को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस मामले में रिश्वतखोर अधिकारी ने फर्म पर जीएसटी कार्रवाई न करने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग की थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से साफ है कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की मुहिम तेज है। हालांकि, बार-बार हो रही गिरफ्तारियों के बावजूद रिश्वतखोरी पूरी तरह थमने का नाम नहीं ले रही है।

