Rajasthan High Court: भ्रष्टाचार में दोषी साबित होने पर भी नहीं रोक सकते पेंशन, आरएसआरटीसी के आदेश पर रोक
Rajasthan High Court: जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए गए कर्मचारी की पूरी पेंशन रोकने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल दोषसिद्धि के आधार पर बिना कारण बताए पेंशन पूरी तरह बंद नहीं की जा सकती।
कोर्ट ने प्रशासनिक आदेशों पर जताई सख्ती
जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पेंशन रोकने का अधिकार जरूर है, लेकिन इसका इस्तेमाल उचित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि नियमों में पूरी पेंशन रोकने, आंशिक कटौती करने या सीमित अवधि तक रोकने जैसे कई विकल्प मौजूद हैं।
“स्पीकिंग ऑर्डर” देना जरूरी
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक आदेश में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कठोर फैसला किन आधारों पर लिया गया। केवल दोषसिद्धि का उल्लेख कर पूरी पेंशन बंद करना उचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर जोर देते हुए कहा कि पेंशन कर्मचारी की लंबी सेवा के बाद मिलने वाला वैधानिक अधिकार है।
नोटिस और सुनवाई का अवसर नहीं मिला
मामले में कोर्ट ने पाया कि कर्मचारी को न तो कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर मिला। इसे प्राकृतिक न्याय के खिलाफ मानते हुए अदालत ने RSRTC का 28 अप्रैल 2021 का आदेश रद्द कर दिया। साथ ही सक्षम प्राधिकारी को नया आदेश जारी करने से पहले कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देने के निर्देश दिए गए हैं।

