Sabarimala Gold Scam: सबरीमाला सोना घोटाले के आरोपी मुरारी बाबू का निधन, कैंसर से थे पीड़ित
Sabarimala Gold Scam: नई दिल्ली: केरल के बहुचर्चित सबरीमाला सोना घोटाले से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू का शनिवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और कोच्चि के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी मौत ऐसे समय हुई है जब सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और सोने की परत वाले पैनलों के गबन की जांच अभी भी जारी है।
मुरारी बाबू का नाम उस मामले में सामने आया था, जिसमें सबरीमाला मंदिर के दरवाजों और द्वारपालक मूर्तियों से हटाए गए सोने की परत वाले पैनलों के रिकॉर्ड और उपयोग को लेकर सवाल उठे थे। जांच एजेंसियों को संदेह था कि इन पैनलों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुईं। हालांकि मुरारी बाबू ने अपने बचाव में कहा था कि संबंधित प्रक्रिया मंदिर प्रशासन को मिले एक पत्र के आधार पर की गई थी।
विजिलेंस जांच के दौरान उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, मंदिर उत्सवों से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं और मंदिर की मूल्यवान वस्तुओं के प्रबंधन को लेकर भी आरोप लगे थे। उनकी नियुक्ति और प्रशासनिक फैसले भी कई बार विवादों में रहे। 1997 में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड से जुड़े मुरारी बाबू ने कई प्रमुख मंदिरों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली थीं। उनके निधन के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी और एजेंसियां अन्य पहलुओं की पड़ताल करती रहेंगी।

