पेंशन प्रकरण निपटाने रिश्वत मांग रहा नगर निगम का लिपिक भोपाल लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा
भोपाल। लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। टीम ने यह कार्रवाई माता मंदिर स्थित नगर निगम के कार्यालय में की है। जहां से लिपिक दौलत कुमार को 3000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। लिपिक की ओर से शिकायतकर्ता से कुल 5000 रूपए की रिश्वत मांगी गई थी। लोकायुक्त की टीम ने 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
नगर निगम का लिपिक दौलत कुमार पेंशन प्रकरण निपटाने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। आवेदक मुकेश दनके ने 4 नवंबर को लोकायुक्त पुलिस के भोपाल कार्यालय में शिकायत की थी कि उनके पिता का पिछले महीने निधन हो गया था। जिनके पेंशन का प्रकरण माता के नाम करने के लिए नगर निगम के पेंशन कार्यालय में पदस्थ दौलत कुमार ने 5000 की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने आवेदन पर शिकायत की जांच की जिसमें सही पाया गया।
अधिकतम तीन माह में निपटने चाहिए प्रकरण
निगम की पेंशन शाखा में प्रकरण निपटान के लिए अधिकतम समय सीमा तीन माह तय किया हुआ है। निगम से हर माह औसतन सात कर्मचारी सेवा निवृत्त होते हैं। इनके पेंशन प्रकरण यहां पहुचते हैं। बताया जा रहा है कि दौलतराम शिकायतकर्ता को करीब एक माह से परेशान कर रहा था।
पांचों लिपिक को हटाएगा निगम
नगर निगम प्रशासन ने इस घटना के बाद पेंशन शाखा के अपने सभी पांच लिपिकों को बदलने का निर्णय लिया है। जल्द ही इनकी रवानगी कर नई पदस्थापना होगी। पकड़ा गया लिपिक निगम का नियमित कर्मचारी था। संबंधित अफसरों के अनुसार इसकी लगातार शिकायत मिल रही थी और इसे विभाग की ओर से चेतावनी भी दी थी।

