1971 War Crimes Case: बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने पलटा जमात-ए-इस्लामी नेता की सजा-ए-मौत का फैसला, अज़हर इस्लाम के रिहाई के आदेश
1971 War Crimes Case: नई दिल्ली। बांग्लादेश की एक अदालत ने जमात-ए-इस्लामी के नेता अज़हर इस्लाम की 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों के लिए दी गई मौत की सजा को पलट दिया और उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। यह फैसला मंगलवार को सात सदस्यीय अपीलीय पीठ ने सुनाया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश डॉ. सैयद रिफ़त अहमद ने की।
1971 War Crimes Case: 30 दिसंबर 2014 को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने अज़हर इस्लाम को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उनकी अपील को 31 अक्टूबर 2019 को अपीलीय प्रभाग ने बरकरार रखा था। हालांकि, 19 जुलाई 2020 को दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी सजा रद्द कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अज़हर के खिलाफ कोई अन्य मामला दर्ज नहीं है, तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
1971 War Crimes Case: जमात-ए-इस्लामी के नेता अमीर शफ़ीकुर रहमान ने इस फैसले को ‘न्याय की जीत’ करार दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य बदला लेना नहीं, बल्कि न्याय पाना था। यह फैसला दर्शाता है कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।”

