हॉस्पिटल में धूम्रपान करने वालों की खैर नहीं, लगेगा जुर्माना, नशे की सामग्री को लेकर भी होगी तलाशी...
- Rohit banchhor
- 18 Nov, 2024
इसमें स्पष्ट किया गया था कि अगर चिकित्सा संस्थाओं में आगजनी संबंधी घटनाएं होती हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दोषी माना जाएगा।
MP News : भोपाल। झांसी मेडीकल कॉलेज में आगजनी की घटना के बाद राजधानी के चिकित्सालयों में सतर्कता बढ़ी है। शाासकीय जेपी अस्पताल में इसके लिए पुख्ता प्रबंध जुटाने दिन भर बैठकों का दौर चला। निर्णय लिया गया कि अस्पताल में धूम्रपान करने वालों पर अब जुर्माना लगेगा। अस्पताल में फायर सिस्टम को मजबूत करने के लिए एक दिन पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने सभी अस्पतालों को निर्देश जारी किए थे। इसमें स्पष्ट किया गया था कि अगर चिकित्सा संस्थाओं में आगजनी संबंधी घटनाएं होती हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दोषी माना जाएगा।
MP News : इसके बाद से ही अस्पतालों में सतर्कता बढ़ी है। यह आदेश जारी होते ही शासकीय जेपी अस्पताल में रविवार को दिन भर काम चला। अस्पताल अधीक्षक ने अवकाश में चिकित्सालय प्रबंधन संभालने वाले अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद फायर सिस्टम का अवलोकन किया गया। हर वार्ड का निरीक्षण किया। हालांकि अस्पताल ने दावा किया कि यहां फायर सिस्टम का पहले ही ऑडिट हो चुका था। अस्पताल का कहना है कि फायर एक्सटिंग्विशर दुरुस्त है। यह चालू हालत में है। अब निर्णय यह भी लिया गया कि प्रत्येक दिन एक ऐसा निरीक्षण होगा, जिसमें व्यवस्थाओं में खामियों की खोज होगी।
MP News : बैठक में प्रदूषण को लेकर हुई चर्चा-
दोपहर में बैठक के दौरान अस्पताल में प्रदूषण सफाई व्यवस्था के बारे में चर्चा हुई। परिसर में चूंकि स्वास्थ्य विभाग का संचालनालय भी संचालित होता है। यहीं पर आयुष्मान निरामय, जिला कुष्ठ कार्यालय, एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भी संचालित होता है। नतीजतन भीड ज्यादा होती है। इस कारण यह निर्णय हुआ कि अगर अस्पताल के अंदर या परिसर की परिधि में कोई धूम्रपान करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। शीघ्र ही यह निर्धारित किया जाएगा कि इस पर कितना जुर्माना होगा।
MP News : अस्पताल में हर अटेंडर पर नजर-
जेपी अस्पताल में अब हमीदिया और कैलाशनाथ काटजू की तरह सिस्टम अपनाया जाएगा। इन दोनों ही अस्पतालों में मरीजों के साथ आ रहे अटेंडरों की गेट पर तलाशी ली जा रही है। जिनके पास गुटखा-सिगरेट पान सामग्री पाई जा रही है। उसे गेट पर ही रखवाया जा रहा है ऐसी ही व्यवस्था शासकीय जेपी अस्पताल में बनाई जा रही है। इसके फायदे यह सोचे गए कि अस्पताल में जहां गंदगी फैलने से बचेगी, वहीं बीड़ी सिगरेट से आग संबंधी खतरा भी नहीं रहेगा।
MP News : हम हर दिन समस्या खोजेंगे : डा. श्रीवास्तव-
अस्पताल अधीक्षक डाक्टर राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि आगजनी की घटनाएं रोकने फॉयर ऑडिट पहले करवा ही लिया गया था। मॉकड्रिल भी समय-समय पर होती है। उन्होंने बताया कि रविवार को उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि हमने धूम्रपान करने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रतिदिन एक ऐसा निरीक्षण होगा। जिसमें सिर्फ कमियों की खोज की जाएगी। हर वार्ड में मरीजों के अलावा स्टॉफ से चर्चा की जाएगी। इनके द्वारा जो समस्याएं बताई जाएंगी। उन्हें भ्रमण के दौरान ही नोट किया जाएगा। फिर उनका समाधान होगा। डा. श्रीवास्तव का कहना है कि सिस्टम को दुरुस्त करने का यही सबसे अच्छा तरीका है। इस पैटर्न पर नियमित रूप से काम होगा।

