Raipur City News : नवा रायपुर तहसील के लिए अधिसूचना जारी, 39 गांवों के लोगों को अब नहीं आना होगा शहर
- Rohit banchhor
- 09 Mar, 2026
नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
Raipur City News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर जिले में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 मार्च 2026 को नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
इससे नवा रायपुर और आसपास के 39 गांवों के निवासियों को राजस्व, जमीन, मुआवजा और अन्य प्रशासनिक कामों के लिए बार-बार रायपुर शहर या दूर की तहसीलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब तक इन क्षेत्रों के लोग रायपुर, मंदिर हसौद, अभनपुर, धरसींवा या तिल्दा-नेवरा जैसी तहसीलों में जाकर काम निपटाते थे, जिससे समय, धन और परेशानी दोनों बढ़ती थी। नई तहसील के गठन से स्थानीय स्तर पर ही तहसील कार्यालय स्थापित हो जाएगा, जिससे कामकाज में तेजी आएगी और सुविधा बढ़ेगी।
नई तहसील में शामिल क्षेत्र और गांव-
नवा रायपुर तहसील में कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडल और 20 पटवारी हल्के शामिल किए गए हैं। इनमें कुल 39 गांव आते हैं। अधिसूचना के अनुसार शामिल प्रमुख गांव इस प्रकार हैं- पलौद क्षेत्र- परसदा (20), पलौद (21), रीको, सेंध (21), चींचा (23), बरौंदा (23), रमचंडी (23), कयाबांधा (24), झांझ (24), नवागांव (24), खपरी (24), कुहेरा (25), राखी (25), कोटनी (26), कोटराभाटा (26), तांदुल (26) मंदिर हसौद क्षेत्र- छतौना (22), नवागांव (15) केंद्री क्षेत्र- केंद्री/बेंद्री (13), परसठ्ठी (13), निमोरा (14), उपरवारा (15), तूता (15), केंद्री (16), झांकी (16), खंडवा (18), भेलवाडीह (18), पचेड़ा (19) तोरला क्षेत्र- चेरिया (1), पौंता (1), बंजारी (1), तेंदुआ (1), कुरूं (2) सेरीखेड़ी क्षेत्र- सेरीखेड़ी (16), नकटी (16), टेमरी (39), धरमपुरा (39), बनरसी (40) रायपुर क्षेत्र- कांदुल माना (51), रायपुर 18 शामिल है।
रहवासियों को होंगे फायदे-
नए तहसील के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लोगों को राजस्व प्रशासनिक कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय के साथ पैसे भी बचेंगे। जमीन नामांतरण, खसरा सुधार, बटांकन, डायवर्सन समेत अन्य संबंधित काम में तेजी आएगी। मूल निवासी, जाति, आय समेत कोई भी प्रमाण-पत्र बनाने लोगों को फायदा मिलेगा। सरकारी कामों के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय या बड़ी तहसील नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ प्रशासन की उपस्थिति से इलाकों में सुरक्षा कानून व्यवस्था पहले से और बेहतर होती है।

