एमपी विधानसभा सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने जताई चिंता, बोले- सवाल बड़े लेकिन सत्र की अवधि घटी
भोपाल। मप्र विधासभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू होगा। पांच दिवसीय सत्र का समापन 20 दिसंबर को होगा। सत्र की अवधि छोटी होने और नियत समय से पूर्व सत्र समाप्त होने को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा, विधानसभा सत्र अपने पूरे कार्यकाल तक चले, अध्यक्ष ऐसे इंतजाम करें। मप्र की भाजपा सरकार के 20 साल के राज में विधानसभा के ज्यादातर सत्र दिनों की बजाय घंटों में निपट गए।
साल में बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र कम से कम 60 दिन चलना चाहिए, लेकिन ये 15-20 दिन ही चल पा रहे हैं। मप्र सरकार हमेशा जनता के मुद्दों से भागती रही है। यही वजह है कि हर बार बहाने से सत्र खत्म कर दिया जाता है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी विधायकों को अपनी बात कहने का पर्याप्त समय दे।
ये जनता के प्रति उनकी जवाबदेही भी है। जनता के सवाल बढ़ रहे हैं और सत्रों की अवधि घटती जा रही है। क्षेत्र की समस्याओं पर सदन में चर्चा कम ही होती है। इससे जनता में संतुष्टि का भाव नहीं आता। इस बार विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री को ऐसी व्यवस्था करना चाहिए कि सत्र अपने पूरे समय तक चले।

