Ujjwala Yojana: उज्ज्वला योजना में अब साल में केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे, जानें कितनी होगी कीमत
- Rohit banchhor
- 08 Jun, 2026
300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक सिलेंडर के लिए 642 रुपये का भुगतान करना होगा।
Ujjwala Yojana: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में बड़ी कटौती की है। अब योजना के लाभार्थियों को साल में केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर ही मिलेंगे। इससे पहले यह सीमा 9 सिलेंडर थी, जबकि योजना की शुरुआत के समय लाभार्थियों को सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सीमा उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत को ध्यान में रखकर तय की गई है। उनका कहना है कि अधिकांश लाभार्थी परिवार साल भर में लगभग इतनी ही मात्रा में एलपीजी का उपयोग करते हैं। हालांकि, 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक सिलेंडर के लिए 642 रुपये का भुगतान करना होगा।
2016 में शुरू हुई थी योजना-
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना डिपॉजिट एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था, ताकि पारंपरिक ईंधनों की जगह स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ सके। सरकार ने मई 2022 में उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी। यह राशि सिलेंडर रिफिल के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती थी। अक्टूबर 2023 में सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई थी।
52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का बोझ-
प्रवीण मल खनूजा ने बताया कि सरकार वर्ष 2022 से अब तक उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे चुकी है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भी कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन उपलब्ध कराने के कारण नुकसान हो रहा है। हाल ही में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है।

