झांसी हादसे के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग, सभी अस्पताल में फायर ऑडिट एनओसी जरूरी के निर्देश जारी
MP News : भोपाल। झांसी के रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में हुए अग्निकांड ने प्रदेश के हादसों के जख्म हरे कर दिए। इससे सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई। राजधानी की बात करें तो नवंबर साल 2021 में हमीदिया अस्पताल में हुई दो घटनाएं जिसने देखी वे जीवन भर इसे भूल नहीं सकेंगे। राजधानी भोपाल के दो बड़े अस्पतालों की पड़ताल की। जहां पुरानी घटना से सीख लेते हुए एसएनसीयू में आधुनिक इंतजाम होने की बात सामने आई। हालांकि अभी भी पूरे अस्पताल को दुरुस्त करना बाकी है। झांसी हादसे के बाद से प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है।
MP News : शनिवार को विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि इलाज से जुड़े हर संस्थान का इलेक्ट्रिकल और फायर ऑडिट अनिवार्य है। फायर सिस्टम और फायर एक्सटिंग्विशर की स्थिति चालू हो, नियमित अंतराल पर फायर ड्रिल कराई जाए और इसके लेखा-जोखा भी रखें। अनियमितता मिली तो संस्थानों को बंद कर दिया जाएगा।राजधानी के जेपी अस्पताल में एसएनसीयू में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नजर आए। इमरजेंसी एग्जिट के लिए विंडो बनाई हैं, जो बंद रहती हैं लेकिन कभी लॉक नहीं की जाती हैं। इससे इमरजेंसी में बचाव कार्य में समस्या न आए। इसके अलावा शिशु रोग विभाग के पास इलेक्ट्रिकल, फायर और सेफ्टी एनओसी भी है। यानी सभी वायर की निरंतर जांच हुई और फायर से निपटने के इंतजाम भी काम कर रहे हैं।
MP News : वहीं ओपीडी ब्लॉक में अभी भी वायरिंग से लेकर इलेक्ट्रिकल बॉक्स को व्यवस्थित करना होगा। इसके अलावा गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग में सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। दोनों नए भवन में सभी जरूरी एनओसी के साथ एनएबीएच सर्टिफिटेक भी है। इसके अलावा 10 फायरमेन भी आउटसोर्स के तहत तैनात किए गए हैं। वहीं पुराने भवन और कमला नेहरू इस मामले में अभी भी रिस्क में है। पुराने भवनों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं हैं। पुराना भवन आधा टूट चुका है, ऐसे में आने जाने के लिए बस एक ही रास्ता है।

