Digital Arrest : 37 लाख की साइबर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, महिला समेत 5 गिरफ्तार
- Rohit banchhor
- 24 Apr, 2026
आरोपियों को राजस्थान के भीलवाड़ा से पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है।
Digital Arrest : रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में साइबर पुलिस ने एक बड़े डिजिटल ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने में माहिर था। पुलिस ने सभी आरोपियों को राजस्थान के भीलवाड़ा से पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है।
मामला तब सामने आया जब सेवानिवृत्त विद्युत विभाग पर्यवेक्षक नरेन्द्र ठाकुर से करीब 36.97 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को कभी TRAI अधिकारी, कभी पुलिस और कभी CBI अफसर बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी थी।
पीड़ित को लगातार वीडियो कॉल और फर्जी जांच प्रक्रिया दिखाकर मानसिक रूप से डराया गया, जिसके बाद उससे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। बाद में परिजनों को जानकारी मिलने पर मामला सामने आया और शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई।
जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बैंक कर्मचारी राहुल व्यास है, जो अपने पद का दुरुपयोग कर ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। गिरोह में उसकी सहयोगी आरती राजपूत, रविराज सिंह, संजय मीणा और गौरव व्यास शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में साइबर ठगी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने तकनीकी जांच और बैंक ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर कमीशन आधारित सिस्टम पर काम करता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप और कई बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही करीब 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की देशव्यापी ठगी के संकेत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

