बीजेपी में शामिल हुई विधायक के खिलाफ लगाई याचिका 3 महीने बाद गायब, हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
MP News : भोपाल। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई बीना विधायक निर्मला सप्रे का मामला सुलझने का नाम ही नहीं ले रह रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदस्यता रद्द करने को लेकर लिखे गए पत्र पर विधानसभा का जवाब आया है। जिसमें कहा गया है कि दस्तावेज गुम होने के कारण सदस्यता को लेकर फ़ैसला नहीं हो पाया हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधान सभा अध्यक्ष के यहां से यह जानकारी आई है के 90 दिन के बाद कागज गुम गए हैं।
MP News : विधानसभा में कागज गुमना हास्यास्पद बात है। हम लोग इस पूरे मामले को लेकर अब हाई कोर्ट जाएंगे। निर्मला सप्रे पार्टी विरोधी गतिविधि कर रही हैं। उनकी सदस्यता बर्खास्त करने पार्टी से अलग करने हम कोर्ट में जाएंगे। वही हाथियों की मौत के मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा की हाथियों के मामले में लीपापोती की जा रही है। रिसोर्ट के मालिक नहीं चाहते थे कि वहां पर हाथी रहे। कोदू-कुटकी खाने से आदिवासियों के पशु भी मर सकते थे सिर्फ हाथी क्यों मरे। यह फॉरेस्ट अधिकारियों की जवाबदारी है।
MP News : उमंग सिंगार ने कहा कि हाथी वहां पर कर्नाटक और झारखंड से आकर रह रहे थे, आप क्या कर रहे थे। वन समितियां को वापस मजबूत करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विकास और गणपति जी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो वह कौन से भगवान पर ध्यान दे रहे हैं यह बताएं। रिसोर्ट संचालकों की संदिग्ध भूमिका हो सकती है। रिजॉर्ट्स की फेंसिंग बॉर्डर पर हाथियों के कारण नुकसान होने की जानकारी है। आदिवासियों पर आप आरोप नहीं मढ़ सकते। दो व्यक्तियों की मौत हो गई हाथियों के कारण जमीन और ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचा उसका मुआवजा कौन देगा या सवाल बना हुआ है।
MP News : वही उपचुनाव के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बनाए गए पदाधिकारीयों के इस्तीफे पर सिंघार ने कहा कि दिवाली के फ़टाखे फूट गए हैं सबका गुस्सा खत्म हो चुका है। नई शुरुआत है और कांग्रेस में सब साथ हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के वक्फ बोर्ड वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के पास हिंदू मुसलमान के अलावा कोई एजेंडा नहीं। भाजपा विकास की बात नहीं करना चाहती सिर्फ कंबल ओढ़कर घी पीने का काम कर्जा लेकर किया जा रहा है।

