CG News : 3.67 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार, 4.75 करोड़ की फसल जब्त
- Rohit banchhor
- 12 Mar, 2026
मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे प्रकरण की एंड-टू-एंड जांच के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
CG News : बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अवैध अफीम की बड़े पैमाने पर की जा रही खेती का खुलासा हुआ है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे प्रकरण की एंड-टू-एंड जांच के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 10 मार्च 2026 को कुसमी थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि त्रिपुरी गांव में रूपदेव राम भगत और कौषिल भगत के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी और एसएफएल, प्रशासन व अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेत में अफीम की खेती और उसकी रखवाली करते हुए रूपदेव राम भगत, कौषिल भगत, मनोज कुमार, जिरमल मुण्डा, उपेन्द्र कुमार, विन्देष्वर और कृष्णा सिंह सहित सात लोग मिले, जिन्हें मौके से हिरासत में लिया गया।
मौके पर अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। साथ ही खेत में रखे दो डिब्बों में आधा-आधा भरा अफीम का लासा तथा चार बड़ी और एक छोटी बोरी में रखे सूखे फल भी बरामद किए गए। जब्त सामग्री का वजन करने पर कुल 4344.569 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि अवैध खेती करीब 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) भूमि पर की जा रही थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में विधिवत परीक्षण और जब्ती की कार्रवाई की गई। कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि जिले में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अफीम या अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

